वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को तर्क और बुद्धि का प्रतीक माना गया है। बुध मेष राशि के तीसरे और छठे भाव के स्वामी है।
21 अप्रैल को बुध मेष राशि के प्रथम भाव में वक्री होंगे। बुध के वक्री होने से सभी राशियों पर मिश्रित असर पड़ेगा।
इस दौरान सट्टे, बिजनेस और करियर में तरक्की मिल सकती है। वहीं, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ सकती है।
बुध के वक्री चाल से 4 राशियों को विशेष लाभ होगा। इन लोगों की आर्थिक समस्याएं दूर होगी। आइए जानते हैं कौन-सी हैं वो भाग्यशाली राशियां।
आप जो भी निर्णय लेंगे उसके अनुकूल परिणाम मिलेंगे। नौकरीपेशा जातकों के इंक्रीमेंट की संभावना है। प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ सकते हैं।
बुध की वक्री चाल कई तरह के लाभ दिलाएगी। भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा। आत्मविश्वास से लबरेज नजर आएंगे।
बुध की वक्री गति तुला राशि के जातकों को मिश्रिम परिणाम देगी। जीवन में खुशी और संतुष्टी महसूस करेंगे। व्यापार का विस्तार कर सकते हैं।
अनुशासित कार्यशैली और व्यवहार से दूसरों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। वरिष्ठों से सराहना मिलेगी। विदेश यात्रा अवसर भी मिल सकता है।
बुध के वक्री होने पर जातक को हरी वस्तु का दान करना चाहिए। साथ ही हर स्थिति में संयम बरतना चाहिए।
बुधवार के दिन व्रत रखना चाहिए। वहीं, गाय और कुत्ते को रोटी खिलाएं।
बुधवार के दिन भगवान गणेश के मंदिर में जाकर पूजन और आरती करने के बाद मोदक का भोग लगाना चाहिए।