दिसंबर के महीने को ग्रहों की स्थिति में परिवर्तन के हिसाब से भी बेहद खास माना जा रहा है। आइए जानते है बुध की उल्टी ग्रह से कैसे किसानों को लाभ मिलने वाला है?
बुध ग्रह दिसंबर के महीने में अपना राशि परिवर्तन करने वाला है। ग्रहों के राजकुमार बुध धनु राशि में 13 दिसंबर को वक्री होने वाले है। वक्री का अर्थ उल्टी चाल चलने से है।
बुध की उल्टी का चाल का असर वैसे तो सभी 12 राशियों पर पड़ने वाला है। कृषि के लिए बुध का यह गोचर बेहद फलदायी माना जा रहा है।
13 दिसंबर को दोपहर के 12 बजकर 1 मिनट पर बुध धनु राशि में वक्री होंगे। 20 दिन बाद 2 जनवरी को बुध मार्गी होने वाले है।
प्रत्येक ग्रह निश्चित समयावधि में सूर्य के एक परिक्रमा पूरी करता है। बुध की उल्टी चाल का असर हर राशि पर अलग-अलग प्रकार से पड़ने वाला है।
कार्तिक माह का समापन कार्तिक पूर्णिमा के साथ ही हो चुका है। इस माह के बाद मार्गशीर्ष की शुरुआत हुई थी। इस माह में भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण अहम किरदार में है।
मार्गशीर्ष माह में 7 सर्वार्थ सिद्धि योग, एक-एक अमृत सिद्धि और द्विपुष्कर योग, दो त्रिपुष्कर के साथ दो पुष्य नक्षत्र के शुभ योग भी पडे़ंगे।
ज्योतिषाचार्य पं रामजीवन के मुताबिक, अन्नपूर्णा देवी मां पार्वती का रूप है। 2 दिसंबर से व्रत प्रारंभ होंगे और इस वर्ष अन्नपूर्णा जयंती 26 दिसंबर को होगी।