भोपाल से सटे सीहोर में स्थित प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर राजा विक्रमादित्य के काल में बनवाया गया था। नववर्ष के पहले दिन प्रथम पूज्य गजानन के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित विजयासन देवी के इस सिद्धपीठ में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। नववर्ष के मौके पर यहां दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगता है।
भोपाल से लगभग 30 किमी दूर राजा भोज द्वारा बनवाए गए इस मंदिर में एक ही पत्थर से निर्मित दुनिया का सबसे विशाल शिवलिंग है। यहां मत्था टेकते हुए आप साल 2023 की मंगलमय शुरुआत कर सकते हैं।
पुराने भोपाल के कायस्थपुरा में स्थित प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर में बाबा बटेश्वर स्वयंभू हैं। नववर्ष के मौके पर सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
पुराने भोपाल में शाहजहांनी पार्क स्थित छोटे तालाब किनारे बना कालिका मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है। साल में दोनों नवरात्र के अलावा अन्य पर्व के दिनों में एवं नववर्ष के मौके पर भी यहां श्र
भोपाल के छोला इलाके में स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर शहर का सबसे प्राचीन मंदिर है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर की स्थापना तब हुई थी जब भोपाल बसा था। मान्यता है कि इस मंदिर में जो भक्त अपने सच्चे मन से