ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक राहु और केतु को छाया ग्रह या मायावी ग्रह के रूप में जाना जाता है। सभी ग्रहों का समय समय पर राशि परिवर्तन होता रहता है।
राहु और केतु किसी एक राशि में करीब डेढ़ साल यानी 18 महीने तक रहते हैं। राहु और केतु का राशि परिवर्तन 30 अक्टूबर को ही हो चुका है।
इन दोनों राशियों का गोचर कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को हो चुका है। राहु ने अपना राशि परिवर्तन मीन में किया है वहीं केतु ने कन्या में गोचर किया।
अब तक मेष राशि में राहु और देव गुरु बृहस्पति के होने से गुरु चांडाल योग बन रहा था। लेकिन राहु के मेष से निकलते ही चांडाल योग खत्म हो गया है।
मेष राशि वालों के लिए मानसिक शांति लाने वाली है। राहु और केतु के गोचर से मेष और तुला समेत कई राशियों को लाभ मिलेगा।
मेष राशि वालों के लिए मानसिक शांति लाने वाली है। राहु और केतु के गोचर से मेष और तुला समेत कई राशियों को लाभ मिलेगा।
राहु के इस गोचर का शुभ प्रभाव मेष राशि वालों पर पड़ेगा। आपके प्यार में खूब तरक्की होगी और कार्य के क्षेत्र में लाभ मिलेगा।
मिथुन राशि वालों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। लंबे समय से अटका काम पूरा होगा। वहीं, कर्क राशि वालों को नौकरी में सफलता मिलेगी।
सिंह राशि वालों को धन के लाभ मिलने वाले हैं। नए और शुभ कार्य के योग बनेंगे। वहीं, वृश्चिक राशि के लिए परिवारिक जीवन में चल रही समस्या का अंत होगा।