ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का खास महत्व माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि कुंडली में कुछ ग्रहों के कमजोर होने पर व्यक्ति नशे की लत में डूब जाता है।
व्यक्ति के अलग-अलग नशे करने के पीछे अलग-अलग ग्रह जिम्मेदार होते हैं। यदि इंसान इस आदत को नहीं सुधारता है तो नशे में पड़कर उसका जीवन भी बर्बाद हो सकता है।
वैदिक ज्योतिष में राहु को लत, अंधकार और भ्रम का कारक माना जाता है। जिसकी कुंडली में राहु कमजोर होता है वह शराब या नशीली दवाओं की लत में पड़ जाता है।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक ग्रह होता है। कुंडली में इसकी कमजोर स्थिति व्यक्ति को नशे की ओर लेकर जाती है।
ज्योतिष शास्त्र में मंगल को क्रोध और आक्रामकता का कारक माना जाता है। कमजोर या अशुभ मंगल ग्रह व्यक्ति को नशे में पड़ने के लिए उकसाता है।
इस ग्रह को सुख, भोग और लालच का कारक कहा गया है। कुंडली में शुक्र ग्रह के कमजोर होने पर भी व्यक्ति को शराब और नशे की लत लग जाती है।
ज्योतिष की मानें तो शनि ग्रह अनुशासन और कर्म के लिए जिम्मेदार होता है। कमजोर या शनि के नाराज होने पर व्यक्ति नशे की लत में डूब जाता है।
इस लेख में दी गई तमाम जानकारी सामान्य और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। नईदुनिया की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है।
यहां हमने जाना कि किन ग्रहों की वजह से व्यक्ति नशे की लत में पड़ जाता है। इस तरह की अन्य धर्म और अध्यात्म से जुड़ी खबरों को पढ़ने के लिए जुड़े रहें naidunia.com के साथ