महारथी कर्ण को भारी पड़ा था भगवान परशुराम का एक श्राप


By Sahil08, Dec 2023 03:55 PMnaidunia.com

महाभारत की कथा

जब भी महाभारत की कथा का जिक्र होता है तो उसमें कर्ण का नाम जरूर आता है। युद्ध भूमि में उनका नाम बड़े महारथी के तौर पर जाना जाता था।

भगवान परशुराम

महाभारत में उल्लेख है कि कर्ण के गुरु भगवान परशुराम थे। हालांकि, उन्होंने अपने प्रिय शिष्य को एक श्राप भी दे दिया था।

महारथी कर्ण

महाभारत में कर्ण को महाराथी माना जाता था। हालांकि, उनकी मृत्यु के पीछे का कारण एक श्राप है, जिसके बारे में बेहद कम लोग जानते हैं।

सूतपुत्र कैसे थे कर्ण?

वैसे तो करण पांडवों की मां कुंती और सूर्यदेव के पुत्र थे, लेकिन उन्हें लोग सूतपुत्र के तौर पर जानते थे। इसके पीछे कारण है कि उनका पालन पोषण एक सारथी ने किया था।

ब्राह्मणों को देते थे शिक्षा

बता दें कि परशुराम केवल ब्राह्मणों को ही शिक्षा देते थे। इस वजह से कर्ण ने ब्राह्मण का वेश धारण करके उनसे शिक्षा ग्रहण की थी।

परशुराम के प्रिय शिष्य

कर्ण बेहद जल्द परशुराम के प्रिय शिष्य बन गए थे। इतना ही नहीं, चीजों को सीखने की उनकी जिज्ञासा परशुराम को प्रभावित भी करती थी।

कर्ण को कीड़े ने काटा

एक बार की बात है, जब वन में कर्ण के शरीर पर कीड़ा चढ़ गया था और उनके पूरे शरीर को काट लिया था। हालांकि, कर्ण ने इस वजह से कोई आवाज नहीं की, ताकि उनके गुरु की नींद खराब न हो।

परशुराम ने दिया श्राप

भगवान परशुराम को जब कर्ण की सच्चाई के बारे में पता चला तो उन्होंने एक श्राप दे दिया। परशुराम ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर तुम अपनी सारी विद्या भूल जाओगे।

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