99% लोग नहीं जानते महिलाओं के नाक कान क्यों छिदवाना जरूरी है?


By Ayushi Singh14, Nov 2024 12:04 PMnaidunia.com

महिलाओं के नाक और कान छिदवाने का विशेष महत्व है, जिसमें स्वास्थ्य और सामाजिक पहचान शामिल है। ऐसे में आइए जानते हैं कि महिलाओं के नाक कान क्यों छिदवाना जरूरी है-

16 संस्कारों

हिंदू धर्म में 16 संस्कारों में से एक कर्णवेध भी है। पहले के समय में शुभ मुहूर्त में बच्चों के कान को छेदा जाता था।

कौन-सा कान पहले छेदा जाता था?

लड़कों का पहला दायां कान और बाद में बायां कान छेदा जाता था। लड़कियों का पहले बायां कान बाद में दाया कान छेदा जाता था और फिर सोने के आभूषण पहनाए जाते थे।

राहु और केतु का प्रभाव होता है कम

ऐसा माना जाता है कि कान छिदवाने से राहु और केतु का प्रभाव कम होने लगता है और संतान निरोगी भी रहता है।

स्वामित्व का प्रतीक

कई समाजों में इसे समाज में स्थिति और स्वामित्व का प्रतीक माना जाता है। साथ ही, विवाह के अवसर पर इसका महत्व बढ़ जाता है।

होता है फायदेमंद

कान में जिस जगह छेद किया जाता है उसका सीधा संबंध महिलाओं के प्रजनन अंगों से होता है। इससे उन्हें आराम मिलता है।

बढ़ती है शोभा

कान छिदवाने से महिलाओं की सुंदरता में चार-चांद लगता है और उनकी शोभा भी काफी बढ़ जाती है।

इन कारणों से महिलाओं के नाक कान छिदवाना जरूरी है। एस्‍ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM

क्या तुलसी के सूखे पत्तों को जलाना चाहिए?