इंसान की मृत्यु के बाद आत्मा को कर्मों के आधार पर दूसरा शरीर मिल जाता है। चलिए जान लेते हैं कि पितरों का पुनर्जन्म रोकने के लिए किन उपायों को अपनाना चाहिए।
पितृ पक्ष के दौरान पितरों का तर्पण विधि-विधान से करें। पुरोहितों का मानना है कि तर्पण करने से आत्मा को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है।
घर पर पितृ दोष लग गया है तो पितृ दोष निवारण पूजा करवाएं। अगर पितृ पक्ष के दौरान पूजा करवाएंगे तो दोष जल्दी समाप्त हो सकता है।
पितृ पक्ष के दौरान ब्राह्मणों को भोजन खिलाने की परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों को मुक्ति मिल जाती है।
पितरों की आत्मा को शांति दिलवाने के लिए अमावस्या की रात को दीपक जलाएं। ऐसा आप हर महीने की अमावस्या तिथि को कर सकते हैं।
श्राद्ध के दौरान पितरों का तर्पण गंगाजल से करें। इस पवित्र जल से तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिल जाती है।
पितरों की मुक्ति के लिए तुलसी के पास दीपक जलाएं। इस पौधे में मां लक्ष्मी वास करती हैं और उनके आशीर्वाद से पूर्वजों के पुनर्जन्म को रोका जा सकता है।
पितरों के पुनर्जन्म को रोकना चाहते हैं तो ‘ॐ पितृभ्यो नमः’ मंत्र का जाप करें। इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।
यहां हमने जाना कि पितरों का पुनर्जन्म रोकने के लिए किन उपायों को अपनाना चाहिए। ऐसी ही अन्य धर्म और अध्यात्म से जुड़ी खबरों को पढ़ने के लिए जुड़े रहें naidunia.com के साथ