हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ माह की चतुर्दशी तिथि के अगले दिन शनि जयंती का पर्व मनाया जाता है। वहीं, दक्षिण भारत में यह पर्व वैशाख मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है।
हिंदू धर्म में शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है। इस दिन विधि-विधान से उनकी पूजा करने का खास महत्व माना जाता है।
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि मंदिर में जाकर आराधना करें। शनिदेव की मूर्ति के सामने दीपक जलाकर उनकी आरती पढ़ें।
शनिदेव के सामने तेल का दीपक जलाना चाहिए। न्याय के देवता की कृपा प्राप्त करने के लिए काले तिल भी अर्पित करें।
प्रत्येक शनिवार के दिन तेल का दीपक जलाकर शनिदेव की पूजा करने से शनि दोष से भी मुक्ति मिल जाती है। इसके अलावा, शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं।
शनिदेव की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। उन लोगों को न्याय के देवता की पूजा करनी चाहिए, जिनके जीवन में निरंतर परेशानियां आती रहती हैं।
धार्मिक मान्यता है कि शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करने वालों को उनका आशीर्वाद मिलता है। बता दें कि शनिदेव की कृपा से व्यक्ति के सभी बिगड़े काम बन जाते हैं।
यहां दी गई जानकारी धार्मिक और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। हमारी तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है।
शनिदेव की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा विधि-विधान से करनी चाहिए। ऐसी ही अन्य धर्म और अध्यात्म से जुड़ी खबरों को पढ़ने के लिए जुड़े रहें naidunia.com के साथ