शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर 2023 से होने जा रहा है। जिसमें 9 दिनों तक माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।
मां भगवती अपने भक्तों की रक्षा तो करती हैं इसके साथ ही वह रोग रूपी शत्रुओं पर भी विजय दिलाती हैं। उनकी महिमा अपरंपार है।
पूर्व दिशा में ऐन्द्री अर्थात इंद्र शक्ति देवी रक्षा करती हैं। पूर्व और दक्षिण के मध्य भाग यानी अग्नि कोण में अग्नि शक्ति देवी रक्षा करती हैं।
देवी कवच का पाठ करने वाले को सामान्य से लेकर गंभीर बीमारियों तक लड़ने की शक्ति मां भगवती प्रदान करती हैं।
दुर्गा सप्तशती के कवच का नित्य पाठ करना चाहिए इसकी शुरुआत नवरात्रि से करना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है।
दुर्गा सप्तशती के कवच का नित्य पाठ करना चाहिए इसकी शुरुआत नवरात्रि से करना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है।
पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ माता का पाठ करना चाहिए। साथ ही मनोवैज्ञानिक रूप से सोचना चाहिए कि अब मुझे रोगों से राहत मिले।
मां भगवती रक्षा तो करती ही हैं इसके साथ-साथ रोग रूपी शत्रुओं पर विजय भी दिलाती हैं। चारों ओर से माता रानी की कृपा बरसती है
देवी कवच की महिमा बहुत ही अपरंपार है। कवच में शरीर के एक अंग की रक्षा के लिए प्रार्थना की जाती है। माता रानी हमें बुरे प्रभावों से भी बचाती हैं।