इन फिल्मों की अविश्वसनीय इंडिंग देख पकड़ लेंगे अपना सिर


By Shivansh Shekhar11, May 2024 12:45 PMnaidunia.com

फिल्मों की खतरनाक एंडिंग

आज हम आपको 7 ऐसी फिल्मों के बारे में बताएंगे जिसके एंडिंग ने दर्शक का दिमाग हिला दिया और उन्हें सस्पेंस करने पर पूरी तरह से मजबूर कर दिया।

पिज्जा (2012)

कार्तिक सुब्बाराव की फिल्म पिज्जा साल 2012 में बड़े पर्दे पर रिलीज हुई थी। गेटवे फिल्मों में सुपरनैचुरल घटनाओं की एक डरावनी कहानी सामने आती है, जो दर्शकों को कंफ्यूज कर देती है।

मनकथा (2011)

मनकथा वेंकट प्रभु की एक तमिल फिल्म है जो सस्पेंस थ्रिलर से भरपूर है। इस फिल्म को अनएक्सपेक्टिड मोड़ पर खत्म किया जाता है जो बहुत कंफ्यूज कर देता है।

कहानी (2012)

सुजॉय घोष की फिल्म कहानी में विद्या बालन मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। लेकिन फिल्म की एंडिंग देखकर सभी को झटका लगता है।

दृश्यम (2015)

जीतू जोसेफ की मलयालम थ्रिलर फिल्म दृश्यम एक शानदार फिल्म है, जिसे बॉलीवुड ने कॉपी किया है। यह फिल्म भी काफी अनएक्सपेक्टेड ढंग से समाप्त होती है।

कार्तिक कॉलिंग कार्तिक (2010)

फरहान अख्तर की हिंदी साइकोलॉजिकल फिल्म कार्तिक कॉलिंग कार्तिक एक अलग तरह की मूवी है। फिल्म का असली मोड़ वास्तविकता को चुनौती देता है।

मुन्नरियिप्पु

यह फिल्म भी काफी उन एक्सपेक्टेड मोड़ पर खत्म होती है। कहानी एक दोषी के इर्द गिर्द घूमती है और जब आप सोचते हैं तब एक अलग मोड़ ले लेती है।

ए वेडनेसडे (2008)

नीरज पांडे की फिल्म ए वेडनेसडे एक हिंदी थ्रिलर मूवी है। यह काफी हैरान करने वाली फिल्म है कि किस तरह एक अपराधी मुंबई में बम धमाके की धमकी देता है।

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