सनातन धर्म में सिंदूर का खास महत्व होता है। इसे बेहद पवित्र माना जाता है। आइए जानते है मांग में सिंदूर
हिंदू धर्म में मांग में सिंदूर लगाना सुहागिन महिलाओं की निशानी होती है। सनातन धर्म में सिंदूर को बेहद पवित्र माना गया है। इसे लगाए से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
वैवाहिक जीवन में परेशानी न आए, इसलिए जरूरी है कि आप मांग में सिंदूर लगाने के नियमों का पालन अवश्य करें। सिंदूरदानी से जुड़े नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
आजकल महिलाएं मांग के अलावा भी हल्का-सा सिंदूर लगा लेती है, लेकिन ऐसा करने से आप पर मुसीबत आ सकती है। महिलाओं को हमेशा अपने मांग में ही सिंदूर भरना चाहिए।
महिलाएं कभी-कभी अन्य महिलाओं को सिंदूरदानी से सिंदूर दे देती हैं। स्त्रियों के लिए सिंदूर सुहाग की निशानी होती है, इसे स्वंय ही लगाना चाहिए। दूसरी स्त्री को अपनी सिंदूरदानी से सिंदूर न दें।
महिलाएं मांग में सिंदूर लगाने के बाद उसे ढक लेती है। ऐसा करने से आपके पति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है। मांग का सिंदूर हमेशा दिखता रहना चाहिए।
सिंदूर को दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके न लगाएं। ऐसा करने से आपके सांसारिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन के लिए यह बुरा हो सकता है।
मांग को भरते समय स्त्रियों को सिर चुन्नी से ढकना चाहिए। खुली मांग में सिंदूर भरने से भाग्य पर नकारात्मक असर पड़ता है। ऐसा करने से मां-लक्ष्मी भी आप से रूठ सकती है।