अगर बड़ों पर गुस्सा आ जाए तो उनके चरणों में मत्था टेक दो। बोलो कि माफ़ कर दो हमें आप पर गुस्सा आ रहा है। ऐसा मन में भी कर सकते हैं। बड़ों के आगे अहम् पिघला दो।
ईश्वर के चरणों में मत्था टेक दो कि हमें बड़ों पर गुस्सा आ रहा है। आप ही संभालो। अहम् में ही गुस्सा आता है ।
एक घूंट पानी की मुंह में डाल दो। धीरे-धीरे पानी को नीचे उतरने दो। गुस्से की गर्मी, पित्त शांत हो जाएगी और गुस्से पर नियंत्रण हो जाएगा।
गुस्सा आया तो हाथ की अंगुलियों के नाखून हाथ की गद्दी पर लगाकर मुट्ठी बंद करें। गुस्सा दूर हो जाएगा।
गुस्सा आया है तो ज्ञान स्वरुप ईश्वर की सत्ता से जान रहा हूँ, ऐसा विचार करते हुए, गुस्से का उपयोग करें।
आपने गुस्से पर नियंत्रण कर लिया तो जानों आधी विजय हासिल कर ली। बाकी आधी जीत संयम से जीतेंगे ।