शादी के फंक्शन में कई रीति रिवाजों का महत्व होता है। आइए जानते है शादियों में किस फूल की माला बनवानी चाहिए?
शादी के दौरान, वरमाला का खास महत्व होता है। वरमाला के समय दूल्हा अपने दुल्हन को माला पहनाती हैं। वहीं, दुल्हन भी दूल्हे को माला पहनाती है।
मांगलिक कार्यों में भगवान विष्णु का खास महत्व होता है। शादी- विवाह में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होती है।
विवाह के समय में कई रीति रिवाजों का पालन किया जाता है। वरमाला भी इसमें से एक प्रकार की रस्म है।
विवाह के समय में गुलाब के फूल की वरमाला का खास महत्व होता है। विवाह में गुलाब की वरमाला पहनाना काफी शुभ माना जाता है।
पूरी विवाह की रस्म को अच्छे से निभाने पर श्रीहरि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वरमाला का कार्यक्रम भी शादी के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में होता है। गुलाब का फूल भी शुभ कार्यों में उपयोग किया जाता है।
दूल्हा- दुल्हन का एक दूसरे को वरमाला पहनाने का एक अर्थ यह भी होता है कि वह दोनों एक दूसरे के प्रति अपनी स्वीकृति जाहिर करना भी होता है।
वरमाला का मतलब लड़की का लड़के को चुनने से होता है। रामयाम में माता सीता ने श्री राम को अपना वर चुनकर माला पहनाई थी। तभी से उसे वरमाला कहा जाता हैं।