वास्तु शास्त्र में घर से जुड़ी प्रत्येक चीज के उपाय बताए गए हैं। नया साल शुरू होते ही प्रत्येक घर में पुराना कैलेंडर बदलकर नया कैलेंडर लगाया जाता है।
वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर-परिवार की तरक्की के लिए नया कैलेंडर किस दिशा में लगाए, इसके लिए भी नियम तय किए गए हैं।
जिस तरह घर में रखी हर वस्तु सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उसी तरह कैलेंडर से भी ऐसी ऊर्जा निकली है।
कभी भी नए कैलेंडर को पुराने कैलेंडर के ऊपर नहीं लगाएं। ऐसा करने से घर में नकारात्मकता का संचार होता है।
कैलेंडर में अगर भगवान, संतों, महापुरुषों के चित्र हों, उगता हुआ सूरज हो, पक्षियों के जोड़े होते हों तो ऐसे कैलेंडर ज्यादा शुभ माने जाते हैं।
कैलेंडर हमेशा उत्तर, पश्चिम या पूर्वी दीवार पर ही लगाना चाहिए। दक्षिणी दीवार पर कैलेंडर या घड़ी नहीं लगाना चाहिए।
ध्यान रखें कि कैलेंडर में हिंसक जानवरों, दुखी चेहरों की तस्वीरों वाला ना हो। इस प्रकार की तस्वीरों से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कैलेंडर को कभी भी दरवाजे पर, आगे या पीछे नहीं लगाएं। ऐसा करने से स्वजनों की आयु पर असर पड़ता है।
पुराने कैलेंडर को नहीं हटाने से घर के सदस्यों की तरक्की, प्रगति में कई रुकावटें आती हैं।