हर महीने की शुक्ल पक्ष को त्रयोदशी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत के नियम क्या हैं-
इस दिन सुबह स्नान करके भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए। साथ ही, व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव को सिंदूर, हल्दी,तुलसी, केतकी और नारियल बिल्कुल न चढ़ाएं।
इस दिन महिलाओं को शिवलिंग को नहीं छूना चाहिए। ऐसा करने से मां पार्वती नाराज होती हैं।
इस दिन मांस,शराब,प्याज और लहसुन भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
प्रदोष व्रत के दिन किसी से अशब्द बोलने से बचना चाहिए। साथ ही, इस दिन वाणी में मधुरता रखें।
इस दिन काले कपड़े पहनने से बचना चाहिए। साथ ही, सफेद या नारागी रंग के कपडे़ पहनने चाहिए।
इस दिन निर्जला व्रत रखना फलदायी माना जाता है। साथ ही, सारी मनोकामना भी पूरी होती है।
प्रदोष व्रत रखते समय इन नियमों का पालन करें। एस्ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM