अक्सर लोगों के घरों में देखा होगा कि दो पल्लों का दरवाजा होता है। दरवाजे को मजबूती का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं कि दो पल्ले का दरवाजा होने से क्या होता है-
पहले के समय में दो पल्ले का दरवाजा होता था और यह दरवाजे काफी मजबूत भी होते थे। साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से काफी सही थे।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दरवाजे के दोनों पल्ले पापी ग्रहों को रोकने के लिए बनाए जाते थे। साथ ही, उनके दुष्प्रभाव को रोकने के लिए कारगर माने जाते थे।
राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए घर में दो पल्ले वाला दरवाजा लगाया जाता था और इनपर शुभ और लाभ लिखा जाता था।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु-केतु के घर में प्रवेश होने से जीवन में मुसीबत बढ़ने लगती है। इन दोनों ग्रहों से बचने के लिए दो पल्ले का दरवाजा होता था।
माना जाता है कि दो पल्ले का दरवाजा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है और इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
लेख में दी गई सभी जानकारियां सामान्य मान्यताओं पर आधारित है जिसकी हम अपनी तरफ से कोई भी पुष्टि नहीं करते हैं।
इन कारणों से दो पल्ले का दरवाजा होता था। एस्ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM