हमारे दैनिक जीवन में कभी कभी ऐसी स्थिति आ जाती है, जब कुछ ठीक नहीं होता है। हम जो भी कार्य या फैसले करते हैं वो गलत होने लगता है।
हम चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, सफलता हमारे हाथ नहीं लगती है। इससे हमारा आत्मबल कम होने लगता है और किसी कार्य में मन नहीं लगता है।
ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से ऐसा ग्रहों के प्रभाव के कारण होता है। जब आपकी कुंडली में विराजमान ग्रह शुभ प्रभाव नहीं दे पाते हैं तो बुरा असर होता है।
हालांकि, इसे लेकर वास्तु शास्त्र में उपाय भी बताए गए हैं। शास्त्र के हिसाब से तिल के तेल का दीया जलाना पॉजिटिव एनर्जी का संचार माना गया है।
सूर्य को ग्रहों का राजा कहा जाता है। यदि आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत हो, तो आपका भाग्य चमकने लगता है। इसके अलावा आर्थिक तंगी भी खत्म होती है।
तिल के तेल का दीपक जलाने से धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इससे कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है। आपकी राशि पर चल रही शनि की साढ़ेसाती भी खत्म होती है।
तिल के तेल का दीपक सुबह 4 से 5 के बीच में जलानी चाहिए। वहीं शाम के समय में इसे 5 से 8 के बीच में जलाना शुभ माना जाता है।
इस लेख में दी गई सभी जानकारियां एक सामान्य मान्यताओं पर आधारित है जिसकी हम अपनी तरफ से कोई भी पुष्टि नहीं करते हैं।