कुंडली में विपरीत राजयोग होने पर क्या होता है?


By Prakhar Pandey26, Mar 2024 06:09 PMnaidunia.com

राजयोग का अर्थ

राजयोग कई प्रकार के होते है, राजयोग शब्द सुनकर अक्सर दिमाग में उच्च पद और ढेर सारा पैसा आता है। आइए जानते है कुंडली में विपरीत राजयोग होने पर क्या होता है?

पांच प्रकार के राजयोग

शश राजयोग, मालव्य राजयोग, रूचक राजयोग, हंस राजयोग और भद्र राजयोग को पांच प्रकार के राजयोग में गिना जाता है।

विपरीत राजयोग

जिस भी व्यक्ति की कुंडली में विपरीत राजयोग बनता है उन्हें सफलता अवश्य मिलती है लेकिन, उनकी सफलता में किसी न किसी का हाथ अवश्य ही होता है।

कैसे बनता है राजयोग?

ग्रह की दशा-अंतर्दशा का व्यक्ति के जीवन पर कुछ न कुछ प्रभाव पड़ता है। कुंडली में ग्रह कई योग बनाते हैं, कुछ योग से अच्छे तो वहीं कुछ योग से नकारात्मक परिणाम मिलते हैं।

कब होता है निर्माण?

कुंडली के 6वें, 8 वें और 12 वें घर में जब स्वामी युति संबंध बनाते हैं तो विपरीत राजयोग बनता है। विपरीत राजयोग त्रिक भावों के अंतर्दशा के कारण बनता है।

शुभ योग

विपरीत राजयोग को बेहद शुभ माना जाता है। कुंडली में इस राजयोग के बनने से व्यक्ति को भूमि, भवन और वाहन सुख की प्राप्ति होती है।

कैसे होती है प्राप्ति?

यह सुनने में भले ही अजीब लग सकता है लेकिन, ज्योतिष के अनुसार इस योग की फल प्राप्ति व्यक्ति को किसी के नुकसान या हानि होने पर ही प्राप्त होता है।

तीन प्रकार के विपरीत राजयोग

विपरीत राजयोग तीन प्रकार के होते है। हर्ष विपरीत राज योग, विपरीत सरल राजयोग और विपरीत विमल राज योग भी इसी प्रकार के राजयोग के प्रकार होते है।

अगर आपको कुंडली में विपरीत राजयोग से जुड़ी यह स्टोरी पसंद आई तो ऐसी ही धर्म और अध्यात्म से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें naidunia.com

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