हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का अत्यधिक महत्व होता है। इस पौधे को घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
तुलसी का इस्तेमाल प्रत्येक पूजा-पाठ में किया जाता है। वहीं, इसकी लकड़ी से बनी माला भी लोग धारण करते हैं।
तुलसी की माला धारण करने के कुछ नियम भी होते हैं, जिनका पालन करना चाहिए नहीं तो शुभ फल नहीं मिलते हैं।
जो भी लोग तुलसी की माला धारण करते हैं, उनको सात्विक भोजन करना चाहिए। वहीं ऐसे लोगों को लहसुन-प्याज का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
तुलसी की माला के साथ रुद्राक्ष की माला नहीं धारण करनी चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है और इस वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
यह माला धारण करने के बाद बार-बार उतारना नहीं चाहिए। ऐसा करने से इसके प्रभाव कम होते हैं।
तुलसी की माला धारण करने से व्यक्ति को कई रोगों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही माता लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है।
तुलसी की माला धारण करने के बाद रोजाना जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णु के मंत्रों का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से मनचाहे फल प्राप्त होते हैं।
तुलसी की माला धारण करने के बाद इन नियमों का पालन करना चाहिए। धर्म और आध्यात्म से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें Naidunia.Com