हिंदू पंचाग के अनुसार आषाढ़ मास की शुरुआत 23 जून से हो रही है और इसका समापन 21 जुलाई को होगा। ये महीना तीर्थ यात्रा के लिए शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि आषाढ़ मास में क्या नहीं करना चाहिए-
आषाढ़ माह में देवशयनी एकादशी पड़ती है। इस दौरान किसी प्रकार के मांगलिक कार्यों जैसे- शादी, मुंडन आदि चीजों की मनाही होती है। माना जाता है कि इससे शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती।
इस माह में जल की बर्बादी नहीं करनी चाहिए। इससे पानी का अपमान होता है और यह अशुभ भी होता है।
ऐसा करने से लक्ष्मी जी रुठ जाती है और आर्थिक परेशनियों को सामना करना पड़ सकता है। इससे इंसान का शरीर निरोगी रहता है।
आषाढ़ मास में बहुत से हिंदू पर्व होते हैं, जिसमें अल्कोहल,मांस आदि चीजों के सेवन से बचना चाहिए।
आषाढ़ मास में बारिश शुरु हो जाती है। इससे तरह-तरह की बीमारियां होने लगती हैं। इसलिए बासी, तला-भुना खाना खाने से बचना चाहिए।
आषाढ़ मास में हरी सब्जी,लहसुन-प्याज आदि चीजों के सेवन से बचना चाहिए। इससे व्रत और जप का फल नहीं मिलता है। ये चीजें मन में अशुद्धता को बढ़ाती हैं।
आषाढ़ मास में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है। ऐसा करने से सभी प्रकार की परेशनियां दूर होती हैं और घर में शांति का माहौल रहता है।
ये सभी चीजें आषाढ़ मास में नहीं करनी चाहिए। एस्ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM