सनातन धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। यह सुबह 4 बजे से लेकर 5 बजकर 30 मिनट तक रहता है।
ऐसी मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में नींद से जागने पर धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और भक्तों के ऊपर अपनी पूरी कृपा बरसाती हैं।
ऐसा कहा जाता है कि इस ब्रह्म मुहूर्त में 2 कार्य किए जाने का विशेष लाभ मिलता है। ऐसे लोगों की दहलीज पर कभी गरीबी नहीं भटकती है।
कहते हैं कि इस शुभ मुहूर्त के दौरान उठकर आप सबसे पहले नित्य क्रिया कर स्नान आदि करें। इसके बाद एक आसन पर बैठकर लाभकारी मंत्र का जाप करें।
ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु, मंत्र का जाप करना न भूलें।
ऐसा माना गया है कि इस मंत्र का जाप इस शुभ मुहूर्त में करने पर देवी देवता पूरी तरह से प्रसन्न होते हैं। ऐसा करने वालों के यहां गरीबी नहीं आती है।
ब्रह्म मुहूर्त में एक और उपाय है जिसे करने से आपके आंगन में खुशियां ही खुशियां आने लगेगी और गरीबी का नामोनिशान मिट जाएगा।
आप सुबह इस मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करके 'कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती, करमूले तू गोविंदा: प्रभाते कर दर्शनम्'' मंत्र का जाप करें।