हनुमान चालीसा का पाठ कब नहीं करना चाहिए?


By Ayushi Singh21, Apr 2025 08:00 PMnaidunia.com

हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है और इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा करने पर उनकी कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि हनुमान चालीसा का पाठ कब नहीं करना चाहिए-

सूतक काल के समय

सूतक काल के समय हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। सूतक काल वह समय होता है जो किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद शुरू होता है और इस समय किसी प्रकार का पूजा पाठ नहीं होता है।

मांस-मदिरा के सेवन करने के बाद

मांस-मदिरा के सेवन के बाद हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से हनुमान जी नाराज होते हैं।

बिना नहाए न करें

कभी-भी बिना नहाए हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में शुभ परिणाम नहीं मिलते हैं।

मन में नकारात्मक विचार आने के बाद

अगर किसी व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार चल रहे हैं तो उस समय हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। ऐसा होने से पूजा-पाठ में मन नहीं लगता है।

महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान

कहा जाता है कि महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। मासिक धर्म के दौरान शरीर में कुछ परिवर्तन होते हैं जो धार्मिक के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं।

डिस्क्लेमर

लेख में दी गई सभी जानकारियां सामान्य मान्यताओं पर आधारित है जिसकी हम अपनी तरफ से कोई भी पुष्टि नहीं करते हैं।

हनुमान चालीसा का पाठ इस समय नहीं करना चाहिए। एस्‍ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM

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