कई बार लोग नजर दोष से बचने के लिए बगैर किसी विशेषज्ञ की सलाह लिए लोहे का छल्ला धारण कर लेते हैं। हालांकि, ऐसा करना सही नहीं होता है।
शायद आपको भी पता होगा कि लोहे के छल्ले और घोड़े की नाल का सीधा संबंध शनि से होता है। कुंडली में राहु और शनि की स्थिति को देखकर ही यह छल्ला धारण करना चाहिए।
लोहे का छल्ला कुछ लोगों को भूलकर भी नहीं पहनना चाहिए। यदि आप इसे धारण करने की गलती कर देते हैं तो आपके जीवन पर बुरा असर पड़ सकता है।
जिन लोगों की कुंडली में बुध, सूर्य और शुक्र ग्रह एक साथ हो, उन्हें भूलकर भी लोहे का छल्ला नहीं पहनना चाहिए। वरना आपको धन हानि का सामना करना पड़ सकता है।
कुंडली के 12वें भाव में बुध और राहु एक साथ है तो भी लोहे का छल्ला न पहनें। यदि आप नहीं मानते हैं तो शनि और राहु मिलकर कहर बरपाते हैं।
जब कुंडली में शनि शुभ फल दे रहा है तो भी आपको लोहे का छल्ला या अंगूठी पहनने से बचना चाहिए। ऐसे में लोहे का छल्ला पहनने से शनि की स्थिति बिगड़ सकती है।
लोहे का छल्ला पहनने के लिए शनिवार का दिन शुभ होता है। सुबह स्नान करने के बाद शनिदेव का स्मरण करते हुए मध्यम अंगुली में अंगूठी पहनें।
लोहे का छल्ला पहनने से पहले पंडित को एक बार कुंडली जरूर दिखाएं। ग्रहों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस अंगूठी को धारण करना शुभ होता है।