हिंदू धर्म में पूजा के बाद आरती करना जरूरी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि आरती किए बगैर पूजा सफल नहीं होती है।
शास्त्रों में बताया गया है कि पूजा पूरी होने के बाद आरती करनी चाहिए। इसके पीछे कारण बताया गया है कि ऐसा करने से पूजा का फल मिलता है।
बता दें कि आरती को भगवान की पूजा समाप्त करने का बेहतरीन तरीका माना जाता है। इस वजह से पूजा का समापन आरती के साथ ही होता है।
आरती करने को लेकर ऐसा भी कहा गया है कि इसकी मदद से देवी-देवताओं को प्रसन्न किया जा सकता है। इसके साथ ही, मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।
शास्त्रों में भी आरती करने का सही तरीका बताया गया है। इसके मुताबिक, आरती की थाली को भगवान के सामने सीधे खड़े होकर घड़ी की आकृति में घुमाना चाहिए।
आरती लेते समय हमेशा अपने दोनों हाथों को दीपक की लौ के ऊपर ले जाएं। इसके बाद दोनों हाथों को सिर पर घुमाएं और बाद में हाथों को माथे पर लगाएं।
मान्यता है कि जिस भी घर में रोजाना आरती की जाती है, वहां नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहती हैं। इसके अलावा वास्तु दोष का खतरा भी कम हो जाता है।
यदि आप आरती करने के सभी नियमों का पालन करते हैं तो आपकी पूजा सफल होगी। माना जाता है कि शुभ परिणाम की प्राप्ति भी होती है।