क्यों देवताओं को भोग लगाते समय बजाते हैं घंटी?


By Shivansh Shekhar30, Mar 2024 01:00 PMnaidunia.com

पूजा में घंटी

पूजा घर में किया जाए या मंदिर में, घंटी बजाना अनिवार्य होता है। बिना घंटी बजाए कोई भी पूजा सफल नहीं होती है। सुबह भगवान को नींद से जागने के लिए यह बजाया जाता है।

भोग के समय घंटी

भगवान को पूजा के बाद प्रसाद का भोग लगाते समय भी घंटी बजाना अनिवार्य होता है। आखिर ऐसा नियम क्यों है? आइए हम आपको बताते हैं।

भगवान होते हैं जागृत

पौराणिक ग्रंथों के हिसाब से भगवान के पूजा में जगाने के लिए भी घंटी बजाई जाती है। ऐसा करने से भगवान जल्द ही नींद से जाग जाते हैं।

नैवेद्य के समय

वायु के पांच मुख्य तत्व हैं, जिसमें व्यान वायु, उड़ान वायु, समान वायु, अपान वायु और प्राण वायु होते हैं। भगवान को नैवेद्य अर्पित करते समय घंटी बजाई जाती है।

5 तत्वों के लिए

वायु के 5 तत्वों के लिए भी घंटी बजाई जाती है और भोग लगाया जाता है। पांच बार घंटी बजाकर भगवान को वायु तत्व से जगाया जाता है।

कैसे होता है भोग अर्पित?

भगवान को अर्पित करने के लिए अन्न, जल, मेवा, मिष्ठान और फल को नैवेद्य बोला जाता है। नैवेद्य पान के पत्ते के ऊपर रखकर भोग लगाई जाती है।

क्यों होता है ऐसा?

पान के पत्ते की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान अमृत बूंद से हुई थी। यही कारण है कि पान के पत्ते से देवी देवता प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं।

डिसक्लेमर

इस लेख में दी गई सभी जानकारियां एक सामान्य मान्यताओं पर आधारित है जिसकी हम अपनी तरफ से कोई भी पुष्टि नहीं करते हैं।

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