हिंदू धर्म में वैवाहिक महिलाओं के लिए सिंदूर सुहाग का प्रतीक माना जाता है। साथ ही, शादी तभी संपन्न होती है जब दूल्हा, दुल्हन की मांग सिंदूर से भरता है। आइए जानते हैं कि भखरा सिंदूर क्यों माना जाता है बेहद शुभ-
सिंदूर लाल ,केसरिया और भखरा (गुलाबी) रंग का होता है। भखरा सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक तो है ही, यह प्रेम का भी प्रतीक है।
विभिन्न पूजा या शादी विवाह में पति के दीर्घायु के लिए महिलाएं यह सिंदूर अपने मांग में लगाती है।
इस सिंदूर को देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
अक्सर इस सिंदूर को नाक से मांग तक लगाया जाता है, ऐसा करने से पति की आयु लंबी होती है।
सिंदूरदान का समय आते-आते सुबह होने वाली होती है, इसलिए इस सिंदूर की तुलना सूर्योदय के समय होने वाली उस लालिमा से की जाती है
भखरा सिंदूर को बिहार, झांरखड़, रांची के कुछ हिस्सों में इस्तेमाल किया जाता है।
इसलिए भखरा सिंदूर बेहद शुभ है। एस्ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM