वास्तु के अनुसार शमी के पौधे का बहुत महत्व है। इसे लगाने से कई फायदे होते हैं, इसलिए लोग इस पौधे को लगाते हैं। लेकिन,इसे घर के बाहर लगाने के लिए कहा जाता है। ऐसा क्यों? आइए जानें-
वास्तु के अनुसार, घर में शमी का पौधा नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि यह पौधा कटीला होता है। इस पौधे पर शनि देव की दृष्टि बनी रहती है। इस पौधे से निकलने वाली ऊर्जा से शनि देव की दृष्टि का टकराव होना हानिकारक हो सकता है।
इस पेड़ को कभी घर के अंदर नहीं लगाना चाहिए, बल्कि बाहर खुली हवा में लगाना चाहिए। घर में शमी का पेड़ दक्षिण दिशा में लगाना चाहिए।
हिंदू धर्म में इस पेड़ को पवित्र माना जाता है, इसे घर में रखने से कई धार्मिक लाभ मिल सकते हैं। पूजा और हवन के दौरान देवताओं को शमी के पत्ते चढ़ाने से वातावरण अच्छा हो जाता है।
शनिवार के दिन इस पेड़ को लगाना शुभ माना जाता है। इस पेड़ की रोजाना पूजा करनी चाहिए। अगर रोज दीपक जलाना संभव ना हो, तो शनिवार के दिन दीपक जरूर जलाएं।
रामायण में अपने वनवास काल के दौरान भगवान राम ने लंका पर चढ़ाई करने से पहले शमी के पेड़ की पूजा की थी। साथ ही, महाभारत में पांडवों ने अपने वनवास काल में शस्त्रों को शमी के पेड़ में छिपा दिया था।
शमी के पेड़ लगाने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-शांति आती है। इससे वास्तु दोष भी दूर होता है। विवाह में आने वाली बाधााएं भी खत्म हो जाती हैं।
माना जाता है इस पेड़ में भगवान शिव का वास होता है। इसलिए इस पेड़ की पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। इसकी पत्तियों का प्रयोग भगवान गणेश और मां दुर्गा की पूजा में किया जाता है।
इसलिए घर के बाहर शमी का पौधा लगाते हैं। एस्ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM