हिंदू धर्म में स्वास्तिक बनाने का विशेष महत्व है, खासकर स्वास्तिक घर के मुख्य द्वार पर बनाया जाता है। आइए जानते हैं कि उल्टा स्वास्तिक क्यों बनाया जाता है-
उल्टा स्वास्तिक बनाने की परंपरा मुख्य रूप से मनोकामना पूर्ण करने के लिए प्रार्थना करते हैं। इससे मनोकामना पूर्ण होती है।
जब कोई व्यक्ति किसी तीर्थ स्थल,मंदिर या पवित्र स्थान पर जाता है तो वह पर उल्टा स्वास्तिक बनाकर आता है।
उल्टा स्वास्तिक बनाने से व्यक्ति के जीवन की कई समस्याओं से निजात मिलता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
ऐसा माना जाता है कि उल्टा स्वास्तिक बनाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और इससे इच्छाओं की पूर्ति होती है।
जब इंसान किसी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए उल्टा स्वास्तिक बनाता है तो जब उसकी इच्छा पूरी हो जाती है तो उस स्थान पर जाकर वह सीधा स्वास्तिक बनाकर आता है।
इस बात ध्यान रखें कि घर में कभी-भी उल्टा स्वास्तिक नहीं बनाना चाहिए इससे जीवन में फल प्राप्त नहीं होते हैं।
इन कारणों से उल्टा स्वास्तिक बनाया जाता है। एस्ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM