विश्व क्रिकेट में विराट कोहली एक ऐसा नाम हैं, जिसे आप पसंद करें या नापसंद कर सकते है। लेकिन नजरअंदाज तो बिल्कुल भी नहीं कर सकते हैं। आइए जानते हैं विराट कोहली क्यों थे टेस्ट के बेस्ट कैप्टन।
विदेशी टीमों के घर में जाकर उन्हें हराने से लेकर भारती की धरती पर जीत दर्ज करने के मामले में कोहली की कप्तानी के अंदर भारत ने कई नए कीर्तिमान स्थापित किए थे।
विराट ने भारत के लिए साल 2014 से 2022 तक के लिए टेस्ट कप्तानी की कमान संभाली थी। इस दौरान विराट ने 68 मैचों में भारत के लिए कप्तानी की थी। कोहली का विनिंग प्रतिशत अन्य भारतीय कप्तानों से कई गुना ज्यादा था।
विराट कोहली टेस्ट के सबसे सफल कप्तान बनकर सामने आएं। कोहली ने अपनी कप्तानी में भारत को 68 में से 40 टेस्ट जिताए वहीं 17 बार हार और 11 बार ड्रा का सामना करना पड़ा।
विराट की जीत की जिद में भले ही भारत को 17 बार हार का सामना करना पड़ा हो। लेकिन इसी जिद के चलते भारत ने 40 टेस्ट जीते भी थे। विराट ड्रा से ज्यादा मैच के नतीजे में विश्वास रखते थे।
बतौर टेस्ट कप्तान विराट कोहली का विनिंग परसेंटेज एमएस धोनी से भी ज्यादा था। विराट का विनिंग परसेंटेज 58.82 फीसदी था वहीं 60 टेस्ट में भारत की कप्तानी करने वाले धोनी का विनिंग परसेंटेज 45 फीसदी था।
विराट के नाम बतौर भारतीय कप्तान सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड भी दर्ज है। विराट ने 68 मैचों में भारत के लिए कप्तानी की जबकि धोनी ने 60, गांगुली ने 49 मैचों में भारत के लिए कप्तानी की थी।
भारत ने कोहली की कप्तानी में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में जाकर हराया था। कोहली ने भारतीय जमीन पर टेस्ट जीतने के साथ-साथ विदेशी धरती पर कई सीरीज भारत को जिताई थी।