इस्लामाबाद। कोरोना वायरस के प्रकोप को फैलने से रोकने के लिए भारत सरकार ने देशभर में लॉक डाउन कर दिया था। इसकी वजह से भारत में 176 पाकिस्तानियों का एक जत्था फंस गया था। उन सभी को 27 मई को अटारी-वाघा भूमि सीमा पार करके स्वदेश भेज दिया गया है। 20 मार्च से अटारी-वाघा भूमि सीमा के माध्यम से भारत में फंसे 400 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को वापस लाया गया है।

बुधवार को लौटने वाले पाकिस्तानी छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में फंसे हुए थे। ये सभी लोग लगातार लॉक डाउन की समय सीमा के विस्तार के कारण विभिन्न भारतीय राज्यों में फंसे हुए थे और बाद में अटारी-वाघा के बंद होने के कारण पाकिस्तान नहीं लौट पा रहे थे।

फंसे हुए पाकिस्तानियों के सुरक्षित और सुगम प्रत्यावर्तन के लिए प्रधानमंत्री ने निर्देश दिए थे। इसके बाद नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग भारतीय पक्ष और विदेश कार्यालय के संपर्क में था। इसके साथ ही पाकिस्तान में अन्य राष्ट्रीय अधिकारियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा था। यह जानकारी उच्चायोग ने मंगलवार को जारी एक बयान में दी थी।

उच्चायोग ने कहा कि लॉकडाउन के बीच 20 से अधिक भारतीय शहरों से पाकिस्तानी नागरिकों को अटारी ले जाने के लिए सभी सुविधाओं की व्यवस्था कराई गई और समन्वय किया गया। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रयास तब तक जारी रहेंगे, जब तक कि भारत में फंसे हुए सभी पाकिस्तानियों को वापस स्वदेश नहीं लाया जाएगा।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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