मॉस्को। दो अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर गुरुवार को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आइएसएस) के लिए रवाना हुए रूस के सोयूज यान में बीच रास्ते में गड़बड़ी आ गई। इसकी वजह से यान की कजाखस्तान में आपात लैंडिंग कराई गई। दोनों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं। बताया जा रहा है कि यान के इंजन में कुछ खराबी आ गई थी।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और रूस की एजेंसी रॉसकॉसमॉस के अनुसार, अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूस के एलेक्सी ओवचिनिन धरती पर सुरक्षित उतर आए हैं। उन्हें कोई चोट नहीं आई है।

नासा ने कहा कि प्रथम चरण की प्रक्रिया के कुछ सेकेंड बाद बूस्टर रॉकेट में कोई समस्या आ गई थी। यह समस्या कजाखस्तान के बैकानूर अंतरिक्ष केंद्र से सोयूज-एफजी की लांचिंग के बाद सामने आई। यह यान सोवियत संघ के दौर का है। इस घटना को रूसी अंतरिक्ष उद्योग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल के सालों में रूस के कुछ उपग्रहों और अंतरिक्षयान में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं।

रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा, 'ईश्वर का शुक्र है कि अंतरिक्ष यात्री जीवित हैं।' पूर्व सैन्य पायलट निक हेग और एलेक्सी ओवचिनिन को छह घंटे की यात्रा के बाद आइएसएस पर पहुंचना था। आइएसएस पर पहले से ही यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के एलेक्जेंडर गर्स्ट, नासा की सेरेना औनॉन-चांसलर और रॉसकॉसमॉस के सर्गेई प्रोकोप्येव मौजूद हैं।

धरती की परिक्रमा कर रहा आइएसएस-

आइएसएस एक रहने योग्य कृत्रिम सेटेलाइट है। इसका इस्तेमाल अंतरिक्ष संबंधी परीक्षणों के लिए किया जाता है। इसे 1998 में प्रक्षेपित किया गया था। यह धरती की परिक्रमा कर रहा है। इस पर एक साथ छह अंतरिक्ष यात्री रह सकते हैं। विभिन्न अभियानों के जरिये आइएसएस पर अंतरिक्ष यात्रियों को लाने और ले जाने के अलावा जरूरी सामान की आपूर्ति भी की जाती है।