लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बुधवार को अपनी कंजर्वेटिक पार्टी के अभियान की शुरुआत कर दी है। मगर, इस बार जॉनसन को अपनी ही सीट बचाने के लिए संघर्ष करना होगा। उन्हें लेबर पार्टी की ओर से 25 साल के एक प्रवासी मुस्लिम से चुनौती मिल रही है। इसे देखते हुए कहा जा रहा है कि जॉनसन के लिए यह कड़ी चुनौती होगी। जॉनसन, उत्तर पश्चिमी लंदन के उपनगर Uxbridge का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह अब टोरीज के लिए एक दशक पहले की तुलना में सुरक्षित सीट नहीं है।

साल 2017 में हुए पिछले आम चुनाव में जॉनसन को महज 5,034 मतों से जीत मिली थी। यदि इस बार लेबर पार्टी पांच फीसद मतदाताओं के वोट ज्यादा हासिल कर लेती है, तो प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। ब्रिटिश सांसद उस जिले या निर्वाचन क्षेत्रों में नहीं रह सकते हैं, जिसका वे प्रतिनिधित्व करते हैं। जॉनसन भी Uxbridge में नहीं रहते हैं, हालांकि वह कभी-कभार मिलने-जुलने और अभिवादन प्रकट करने आते हैं।

लेबर पार्टी से जॉनसन के प्रतिद्वंदी 25 वर्षीय अली मिलानी ने कहा कि स्थानीय होने की वजह से उनकी इलाके में पकड़ है और यह वजह जॉनसन के लिए खतरा पैदा कर सकती है। मिलानी ने ब्रुनेल यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल की है, जहां वह छात्र नेता भी थे। उन्होंने कहा कि हीथ्रो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक तीसरे रनवे को रोकने में जॉनसन की विफलता से प्रधानमंत्री को नुकसान होगा।

उन्होंने कसम खाई थी कि वह बुलडोजर के सामने लेट जाएंगे। मंगलवार रात को मिलानी दक्षिण रुइस्लाप पड़ोस में घर-घर जाकर लोगों से मिले और उन्होंने जॉनसन को सत्ता से बाहर करने का आग्रह किया। कैनवासिंग में उनके साथ सौ से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए। मिलानी ने कहा कि यहां एक ऐतिहासिक चुनाव है। यह पहली बार हो सकता है कि हम एक सत्ताधारी प्रधानमंत्री को पद से हटा सकते है। यहीं, हमारे पास बोरिस जॉनसन को रोकने की शक्ति है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai