कोलंबो। आपने अक्सर सुना होगा कि इंसानों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार होता है, लेकिन क्या कभी उन जानवरों के साथ होने वाले बर्बर व्यवहार को देखा है आपने। अगर नहीं तो अब देख लीजिए, इन दिनों सोशल मीडिया में एक हाथी की तस्वीर वायरल हो रही है। हाथी का नाम सुनते ही एक बड़ी भारी काया वाला दमदार प्राणी याद आ जाता है लेकिन इस हाथी हालत बदतर है। यह 70 साल का हो चुका है और इसका शरीर अब हड्डियों का ढांचा नजर आता है। इससे पहले शायद ही आपने किसी हाथी की ऐसी तस्वीर देखी हो।

यह तस्वीर हे श्रीलंका की और इस हाथी का नाम है टिकिरी, यह एक मादा हाथी है और इसकी हालात बिगड़ती जा रही है। लेकिन हाल ही में कोलंबों में हुए एक उत्सव में इसे भी तैयार करके परेड करवाई गई। शरीर से लाचार हो चुकी इस मादा हाथी की हालत को लेकर विरोध शुरू हुआ है और अब सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।

टिकिरी की इस हालत का विरोध सेव एलिफेंट फाउंडेशन नाम का समूह ने किया है। उसने सोशल मीडिया में मादा हाथी की हालत बयां करती तस्वीरें शेयर की हैं और सवाल उठाए हैं कि टिकरी उन 60 हाथियों में शामिल थी जिनसे महोत्सव में परेड करवाई गई। भारी शोर शराबे और पटाखों के बीच टिकिरी लगातार 10 रातों तक इस कार्यक्रम में देर रात तक शामिल ररही। उसे कईं किलोमीटर चलने को मजबूर किया गया ताकि लोग कार्यक्रम के दौरान अपने आप को खुशकिस्मत समझ सकें।

पोस्ट में आगे लिखा गया है कि किसी ने भी हड्डियों का ढांचा बन चुके उसके शरीर को नहीं देखा, चमकीले आवरण में ढंका उसका थका हुआ शरीर किसी को नजर नहीं आया।

फाउंडेशन के इस विरोध को लोगों का समर्थन मिल रहा है और अब आयोजकों नें अंतिम दिन के कार्यक्रम से जहां इस हथिनी को अलग कर दिया है वहीं सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

कार्यक्रम का अयोजन करने वालों के अनुसार टिकिरी मंदिर की नहीं है लेकिन उसे बुधवार के अंतिम कार्यक्रम से अलग कर दिया गया है।

Posted By: Ajay Barve