वॉशिंगटन। विलियम कोडिंगटन के लिए साल 2018 में नर्स बनना एक सपना सच होने जैसा था। वह अपने वेस्ट पाम बीच, फ्लोरिडा अस्पताल में लोगों की मदद करना पसंद करते थे। 32 वर्षीय विलियम को अफीम और अन्य मादक द्रव्यों के सेवन की लत थी, जिसे छोड़ने के लिए वह बीते एक दशक से संघर्ष कर रहे थे। दोस्तों और परिवार के सदस्यों ने कहा कि वह इसे छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध था।

मगर, मार्च में बड़ी संख्या में बीमार COVID-19 रोगियों की देखभाल के लिए उसे गहन देखभाल इकाई (ICU) में लगाया गया। उनकी मां कैरोलिन ने कहा कि विलियम अपनी उम्र के रोगियों को मरते हुए देख रहा था। वह अब निजी रूप से होने वाली अपनी 12 स्टेप्स की रिकवरी मीटिंग में भी नहीं जा पा रहा था। वह इस बारे में डर गया था कि उसके पास कितने कम निजी सुरक्षा उपकरण हैं। आईसीयू में वेंटिलेटर पर जाने वाले लोगों के बारे में उसे बुरे सपने आते थे।

कोरोना के मरीजों को मरते हुए देखकर वह सदमे में आ गया था। उसने 24 अप्रैल की रात को अपने सबसे अच्छे दोस्त रॉबर्ट मार्क्स से फोन पर बात की और परेशान हो गया। वह कार्यस्थल पर युद्ध क्षेत्र और घर पर कैद होकर रह गया था। मार्क्स ने उसे समझाया अनावश्यक जोखिम न लें। अगली सुबह फ्लोरिडा के डीरफील्ड बीच में एक होटल की पार्किंग में विलियम अपनी कार में मृत हालात में मिला।

उनके परिवार को शक है कि उसे ड्रग ओवरडोज हो गया होगा। ब्रोवार्ड काउंटी मेडिकल एक्जामिनर के कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि मामले की जांच अभी लंबित है। ब्रोवार्ड काउंटी शेरिफ कार्यालय ने कहा कि यह अभी भी जांच कर रहा है, लेकिन उन्हें किसी गड़बड़ी का संदेह नहीं है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि मादक द्रव्यों के सेवन करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को डर, अलगाव और इतनी मौत का सामना करने में अधिक कठिनाई हो सकती है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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