Afghanistan : अमेरिका ने जब अफगानिस्तान छोड़ने का फैसला किया, तो हर जगह यही बात बताई कि अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी उनके देश के हित में है। लेकिन अब खुद अमेरिका की खुफिया एजेंसी दावा कर रही है कि अफगानिस्तान में पनपनेवाले आतंकी साल-दो साल के भीतर ही अमेरिका पर फिर से आतंकी हमला कर सकते हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि आतंकी समूह अल-कायदा (Al-Qaeda) अफगानिस्तान में खुद को फिर से संगठित कर सकता है। एजेंसी ने ये भी आशंका जताई कि ये संगठन आने वाले एक या दो साल में अमेरिका पर फिर से हमला कर सकता है।

मंगलवार को डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल स्कॉट बेरियर ने कहा, "वर्तमान आकलन के मुताबिक, रूढ़िवादी रूप से अल-कायदा एक दो साल में फिर से खुद को मजबूत कर सकता है और हमारी मातृभूमि को खतरे में डाल सकता है।" एक इंटेलिजेंस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए लेफ्टिनेंट जनरल स्कॉट बेरियर ने कहा कि अल-कायदा "सभी प्रकार के सोर्स और पहुंच" के साथ अफगानिस्तान में वापसी के तरीकों की तलाश कर रहा है।

अफगानिस्तान से अपनी अचानक वापसी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे अमेरिका का कहना है कि 11 सितंबर, 2001 के हमलों के बाद अफगानिस्तान पर आक्रमण करने का उसका उद्देश्य "राष्ट्र निर्माण" में शामिल होना नहीं था। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने साफ कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिका का प्राथमिक उद्देश्य अल-कायदा को रोकना और 9/11 के हमलों के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को मारना था, जिसे तत्कालीन तालिबान सरकार ने बचाया था।

लेकिन अब अमेरिका के खुफिया अधिकारी ही कह रहे हैं कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अल-कायदा फिर से सक्रिय हो सकता है। CIA के डिप्टी डायरेक्टर डेविड कोहेन ने भी एक से दो साल की समय-सीमा से सहमति जताते हुए कहा कि खुफिया एजेंसियां ​​पहले से ही अफगानिस्तान में अल-कायदा की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। इससे पहले जून में, रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने एक सीनेट समिति से कहा था कि अल-कायदा को अफगानिस्तान से अमेरिका में हमले करने की क्षमता विकसित करने में संभवतः दो साल लगेंगे। हालांकि, नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर एवरिल हैन्स का कहना है कि दो दशक की अमेरिकी सेना की मौजूदगी खत्म होने के बाद अफगानिस्तान खतरे की लिस्ट में सबसे नीचे आ गया है।

Posted By: Shailendra Kumar