काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान ने पंजशीर इलाके में कब्जा करने के लिए पाकिस्तानी वायुसेना की भी मदद ली थी। इस बात का खुलासा होने के बाद अफगानिस्तान की जनता के द्वारा भी विरोध किया जा रहा है। गौरतलब है कि तालिबान ने दावा किया है कि उसने पंजशीर इलाके पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है और अब पंजशीर में तालिबानी झंडा भी लहरा दिया है।

इधर पाक राष्ट्रपति ने अलापा कश्मीर राग

अफगानिस्तान मेें तालिबान के सत्ता में आते ही पाकिस्तान ने ‘कश्मीर राग’ अलापना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) और उनके मंत्रियों के बाद अब राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (PAK President Arif Alvi) ने ‘कश्मीर राग’ छेड़ दिया है। पाक् राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान अपने सैद्धांतिक रुख से कभी पीछे नहीं हटेगा और कश्मीर के लोगों का समर्थन करना जारी रखेगा। साथ ही पाक राष्ट्रपति ने कहा कि अफगानिस्तान की स्थिति पर पाकिस्तान पूरी तरह अवगत है और हर स्थिति ने नजर रख रहा है।

पाक राष्ट्रपति ने डिफेंस डे पर उगला जहर

पाकिस्तानी की सेना 1965 में भारत से युद्ध हार गई थी, लेकिन पाकिस्तान 6 सितंबर को रक्षा और शहीद दिवस के रूप में मनाता है। इस अवसर पर ही पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने ये बात कही। इस अवसर पर आरिफ अल्वी ने कहा कि कश्मीर मुद्दे के समाधान के बिना भारत के साथ शांति संभव नहीं है। नई दिल्ली के साथ कश्मीर सहित सभी समस्याओं का समाधान खोजने का समय अब आ गया है।

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आते ही पाक नेताओं ने कश्मीर राग अलापना शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी कश्मीर पर बयान दिया था और उनकी कैबिनेट के मंत्री कश्मीर पर कब्जे को लेकर विवादित बयान देते रहते हैं। दरअसल अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद पाकिस्तान एक बार फिर कश्मीर पर कब्जे के सपने देखने लगा है।

यही कारण है उसने पंजशीर पर कब्जे के लिए तालिबान की खुलकर मदद की। लेकिन अफगानिस्तान में ही लोगों द्वारा पाकिस्तान का विरोध किया जा रहा है कि आखिर कैसे पाकिस्तान सेना अफगानिस्तान में प्रवेश कर गई? वहीं ईरान ने भी पाकिस्तानी सेना द्वारा तालिबान की मदद पर आपत्ति जताई है। ईरान सरकार ने कहा है कि पंजशीर पर कब्जे के लिए यदि पाकिस्तानी वायुसेना ने तालिबान की मदद की है तो इस बात की जांच की जानी चाहिए। पाकिस्तान के इस कदम का ईरान ने सख्त विरोध किया है।

Posted By: Sandeep Chourey