कराची : कराची एयरपोर्ट पर लैंडिंग से कुछ मिनट पहले दुर्घटना का शिकार हुए पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के विमान में सवार 99 लोगों में 97 की मौत की पुष्टि कर दी गई है। शुक्रवार को हुए इस विमान हादसे में मात्र दो लोगों की जान बच सकी है। रिहायशी बस्ती पर गिरकर नष्ट हुए विमान के मलबे से सभी शव निकाल लिए गए हैं। बुरी तरह जले शवों में 21 की शिनाख्त होने के बाद उन्हें परिवार वालों को सौंप दिया गया है। शेष 76 शवों की पहचान डीएनए जांच से की जाएगी। इसमें 21 दिन तक का समय लग सकता है। विमान का ब्लैक बाक्स मलबे से निकाल कर जांच एजेंसियों को सौंप दिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने जांच टीम के गठन का एलान कर दिया है।

मृतकों के परिजनों को मुआवजे में एक-एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे। पता चला है कि इस विमान की नियमित जांच दो महीने पूर्व हुई थी और यह दुर्घटना एक दिन पहले मस्कट से लौटा था।

विमान से क्षतिग्रस्त 25 घरों के निवासियों को दूसरी जगह ठहराया गया है। इन घरों में रहने वाले 11 लोग घायल हुए हैं जिनका अस्पतालों में इलाज हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने इस हादसे पर शोक जताया है।

शुक्रवार को विमान पीके -8303 लाहौर से कराची आ रहा था। इसमें तीन बच्चों सहित 91 यात्री और 8 क्रू मेंबर समेत 99 लोग सवार थे। कराची के जिन्नाा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग से कुछ मिनट पहले विमान मलिर में मॉडल कॉलोनी के पास जिन्नाा गार्डन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होकर घरों पर जा गिरा। पाकिस्तानी सेना ने बचाव और राहत करते हुए शुक्रवार देर रात तक मलबे से 66 शव निकाल लिए गए थे। शेष शव शनिवार की सुबह तक तलाश लिए गए। शव बुरी तरह जले हुए हैं। हादसे में पंजाब बैंक के अध्यक्ष जफर मसूद व जुबैर नामक युवक ही जिंदा बचे हैं। इन दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने ट्वीट कर बताया कि सेना की खोज और बचाव दल, सेना के सैनिकों, रेंजरों और सामाजिक कल्याण संगठनों के सामूहिक अभियान में 97 शव बरामद कर लिए गए हैं। विमान के मलबे से क्षतिग्रस्त 25 घरों के निवासियों को सिविल प्रशासन की सहायता से विभिन्ना जगहों पर ठहराया गया है। सिंध के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि 66 शवों को जिन्नाा खातकोत्तर चिकित्सा केंद्र (जेपीएमसी) और 31 को सिविल अस्पताल कराची में (सीएचके) भेजा गया है।

दुर्घटना के बाद पीआइए द्वारा जारी की गई यात्री सूची के मुताबिक विमान में 68 पुरुष, 26 महिलाएं और तीन बच्चे सवार थे। हालांकि, चालक दल के बारे में विवरण अभी तक प्राप्त नहीं कराया गया है। सिंध के स्वास्थ्य मंत्री के मीडिया कोआर्डिनेटर मीरान यूसुफ ने कहा कि जलते मलबे की चपेट में आए घरों में घायलों में ज्यादातर महिलाएं हैं। हादसे के समय जुमे नमाज का वक्त था। इस कारण मर्द घरों के बाहर थे।

इस बीच पायलटों की संस्था पाकिस्तान एयरलाइंस पायलट एसोसिएशन (पालपा) ने इस दुर्घटना की गहन जांच की मांग की है। पालपा के महासचिव इमरान नरेजो ने कहा कि इस हादसे की जांच में हम उन तौर तरीकों को किसी भी तरह स्वीकार नहीं करेंगे जिनसे इस तरह की हादसों की जांच हुई। उन्होंने जांच दल में पालपा के अलावा अंतरराष्ट्रीय पायलट संगठनों को भी शामिल करने की मांग की है।

पाकिस्तान के उड्डयन मंत्री गुलाम सलवर खान ने बताया कि मैं खुद इस हादसे की जांच पर नजर रखूंगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे नहीं बख्शा जाएगा। मेरी पूरी कोशिश होगी कि जांच तीन महीने में पूर्ण हो जाए। उन्होंने कहा कि इस हादसे के शिकार हुए लोगों के परिजनों को अब दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। हर एक यात्री के लिए एक करोड़ रुपए उसके परिवार को दिया जाएगा। इसके अलावा बीमे की रकम का जल्द से जल्द भुगतान का प्रयास भी किया जाएगा।

पाकिस्तान सरकार ने कराची विमान हादसे की जांच के लिए जांच टीम का गठन किया है। डॉन अखबार के मुताबिक टीम की अगुआई विमान दुर्घटना और जांच बोर्ड के अध्यक्ष जांच एयर कमोडोर मुहम्मद उस्मान गनी करेंगे। एविएशन डिवीजन द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, जांच दल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण नियम 1994 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेगा और कम से कम समय के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

दुर्घटनाग्रस्त विमान एयरबस ए -320 की दो महीने पहले नियमित जांच की गई थी। हादसे से एक दिन पहले यह मस्कट से उड़ान भरके लाहौर आया था। घाटे में चल रही पीआइए ने अपने इस विमान के तकनीकी विवरण देते हुए बताया कि इंजन, लैंडिंग गियर या प्रमुख विमान प्रणाली से संबंधित कोई खामी नहीं थी। पीआइए के इंजीनियरिंग और रखरखाव विभाग के मुताबिक, इस वर्ष 21 मार्च को विमान का अंतिम परीक्षण किया गया था। दुर्घटना से एक दिन पहले मस्कट से लाहौर आया था। विवरण में दोनों इंजनों की स्थिति अच्ची बताई गई। साथ ही कहा कि नियमित अंतराल पर इनकी जांच और रखरखाव किया जा रहा था। देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) ने 5 नवंबर, 2020 तक विमान को उड़ान के लिए फिट घोषित किया था।

इस हादसे में जो दो लोग बचे हैं उनमें से एक मुहम्मद जुबैर ने बताया कि दुर्घटना से कुछ देर पहले विमान ने तीन हिचकोले खाए थे। उन्होंने बताया कि पायलट ने जब लैंडिंग की सूचना दी तो हमने सीट बेल्ट बांध ली थी। हम लो रनवे के पास पहुंच भी गए थे लेकिन लैंडिंग नहीं हो सके। इसके बाद पायलट ने विमान को घुमा दिया। दस बारह मिनट के बाद पायलट ने फिर लैंडिंग के लिए कहा। इस दौरान विमान को तीन झटके लगे। मुझे लगा कि हम लोग काफी नीचे उड़ रहे हैं। इसके बाद तेज धमाका हुआ और फिर मुझे कुछ याद नहीं। थोड़ी देर में होश आने पर मैंने खुद को धुएं में घिरा पाया।

कराची विमान हादसे में बचे बैंक ऑफ पंजाब के अध्यक्ष जफर मसूद का परिवार कभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा के सद्दो मुहल्ले में रहा करता था। उनका परिवार 1952 में पाकिस्तान चला गया था। जफर की मां, पाकीज़ा फिल्म बनाने वाले कमाल अमरोही के परिवार से संबंध रखती हैं। मुंबई में डाक्यूमेंट्री फिल्में बनाने वाले आदिल जफर भी उनकी मां के चचेरे भाई हैं। आदिल ने कल उनके घर वालों से फोन पर बात भी की। आदिल ने बताया कि वह 2015 में कराची में मसूद से मिला था। मसूद को भारत से बहुत लगाव है। वह अपना पैतृक घर देखने के लिए अमरोहा आना चाहता है। मसूद फिलहाल अस्पताल में हैं उनके कूल्हे और कंधे की हड्डी में चोट आई है।

Posted By: Yogendra Sharma

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