वाशिंगटन। अमेरिका के संघीय संचार आयोग (FCC) ने मंगलवार को औपचारिक रूप से चीन की कंपनी Huawei और ZTE Corp को देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इनके साथ किसी तरह के कारोबार पर पाबंदी लगा दी है। आयोग के इस सख्त कदम के बाद अमेरिकी कंपनियों को इन चाइनीज कंपनियों से उपकरण हासिल करना संभव नहीं होगा। अमेरिकी कंपनियां सरकार से मिले 8.3 अरब डालर से ग्रामीण क्षेत्र के संचार नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए चाइनीज कंपनियों से उपकरण हासिल करने को लालायित थीं।

दरअसल अमेरिकी दूरसंचार नियामक ने नवंबर में 5-0 के बहुमत कहा था कि मौजूदा ग्रामीण सिस्टम से पुराने उपकरण बदलने के लिए वे दो चीनी कंपनियों को अनुमति नहीं दे सकते। एफसीसी के अध्यक्ष अजीत पई ने कहा कि हम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को अपने नेटवर्क की कमजोरियों का फायदा उठाने की न अनुमति दे सकते हैं और न ही देंगे। हुआवे और जेडटीई ने अभी तक इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है हालांकि ये दोनों पहले सरकार के रवैये की आलोचना करती रही हैं।

एफसीसी के आयुक्त जेफ्री स्टार्क्स ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी नेटवर्क में अविश्वसनीय उपकरण कायम हैं। इन्हें हटाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस को धन आवंटित करना चाहिए।

उल्लेखनीय है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई 2019 में एक कार्यकारी आदेश में दोनों चाइनीज कंपनियों के बनाए उपकरणों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताकर अमेरिकी कंपनियों से उपकरण खरीदने पर रोक लगा दी थी। ट्रंप प्रशासन ने उस साल हुआवे को काली सूची में भी डाल दिया था।

Posted By: Ajay Kumar Barve

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