वाशिंगटन। अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड 2020 में होने जा रहा राष्ट्रपति चुनाव लड़ना चाहती हैं। शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद गबार्ड ने कहा, 'मैंने चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। अगले सप्ताह तक इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।' गबार्ड का राष्ट्रपति चुनाव जीतना इतिहास रचने जैसा होगा। इस जीत से वह देश की सबसे युवा और पहली महिला व हिंदू राष्ट्रपति बन जाएंगी।

राष्ट्रपति की दौड़ के लिए अपनी दावेदारी पेश करते हुए गबार्ड ने कहा कि युद्ध और शांति का मसला उनके चुनाव अभियान का प्रमुख मुद्दा होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों के सामने स्वास्थ्य सुविधाएं, आपराधिक न्याय में सुधार व जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएं हैं, जिन्हें दूर करने में वह मदद करना चाहती हैं।

सांसद बनने पर गीता की ली थी शपथ

अपनी मां कैरोल गबार्ड की तरह तुलसी भी हिंदू धर्म अपना चुकी हैं। लगातार चार बार से हवाई राज्य से सांसद गबार्ड ने पहली बार सांसद चुने जाने के बाद हाथ में गीता लेकर शपथ ली थी। राजनीति में आने से पहले वह अमेरिकी सेना का हिस्सा भी रही हैं। वह 12 महीने इराक में भी तैनात रह चुकी हैं।

भारतीयों के बीच हैं मशहूर

गबार्ड भले ही भारतीय मूल की नहीं हैं लेकिन वह भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच काफी लोकप्रिय हैं। वह अमेरिका व भारत के मजबूत रिश्तों के साथ ही भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी समर्थक हैं। उन्होंने पाकिस्तान को दी जा रही वित्तीय सहायता में कटौती करने का भी समर्थन किया था। वह सीरिया में अमेरिकी गतिविधियों की आलोचक भी हैं।

उम्मीदवारी को मिलेगी चुनौती डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के लिए गबार्ड को प्राथमिक चुनावों में जीत हासिल करनी होगी। उनसे पहले सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन भी डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति चुनाव के लिए दावेदारी पेश कर चुकी हैं। भारतीय मूल की कमला हैरिस के साथ कई अन्य नेता भी राष्ट्रपति पद की दौड़ में माने जा रहे हैं। बता दें कि 2016 के चुनाव में डेमोक्रेट हिलेरी क्लिंटन को हराकर रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बने थे।