काबुल। अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट्रिक शानहान सोमवार को अचानक अफगानिस्तान पहुंचे। उन्होंने यहां कहा कि शांति वार्ता में अफगान सरकार का शामिल होना बहुत जरूरी है। शानहान अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सैनिकों और राष्ट्रपति अशरफ गनी से भी मुलाकात करेंगे।

अफगानिस्तान में 17 साल से भी ज्यादा समय से जारी जंग खत्म कराने के लिए अमेरिका और तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। अगली बातचीत 25 फरवरी को होनी है। तालिबान इस शांति वार्ता में अफगान सरकार को शामिल नहीं होने दे रहा।

हालांकि अमेरिका इस गतिरोध को समाप्त करने की कोशिश में है। शानहान ने यहां कहा, 'सभी अफगान पक्षों को ही तय करना होगा कि अफगानिस्तान का भविष्य कैसा हो?' इस क्षेत्र से अमेरिका का सुरक्षा हित जुड़े होने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें यहां तैनात 14 हजार अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। जिम मैटिस की जगह कार्यवाहक मंत्री बनाए गए शानहान ने कहा कि वह सिर्फ यहां स्थिति का जायजा लेने आए हैं।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अफगानिस्तान में तैनात आधे सैनिकों को वापस बुला लेने की बात कर चुके हैं। अफगान सरकार को डर है कि अमेरिकी सैनिक हटने से हालात बिगड़ सकते हैं।

शांति वार्ता में अमेरिका के प्रतिनिधि जालमे खलीलजाद का कहना है कि तालिबान से शांति समझौते पर वार्ता हो रही है। अमेरिका केवल सैनिक वापस बुलाने का करार नहीं करेगा।

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