वाशिंगटन। अमेरिका ने भारत के आईटी पेशेवरों को खुशखबरी दी है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ग्रीन कार्ड पर हर देश के लिए तय अधिकतम सीमा का प्रावधान हटा दिया है। फिलहाल हर साल ग्रीन कार्ड की कुल संख्या में से एक देश के आवेदकों को अधिकतम सात फीसद ग्रीन कार्ड मिलता है। अब परिवार आधारित इमिग्रेंट वीजा पर इस सीमा को सात से बढ़ाकर 15 फीसद कर दिया गया है।

वहीं रोजगार आधारित इमिग्रेंट वीजा के लिए इस सीमा को पूरी तरह हटा दिया गया है। इस बदलाव से अमेरिका में काम कर रहे कुशल भारतीय आईटी पेशेवरों को फायदा होने की उम्मीद है। ग्रीन कार्ड गैर-अमेरिकी नागरिकों को वहां स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देता है। एच-1बी वीजा पर यहां आने वाले भारतीय आईटी पेशेवरों को ग्रीन कार्ड पर लगी सीमा की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ता है। इस सीमा के कारण भारतीय पेशेवरों को ग्रीन कार्ड के लिए 10 साल तक इंतजार करना पड़ता है।

कुछ मामलों में यह इंतजार 50 साल से भी ज्यादा का हो जाता है। देशों के लिए अधिकतम सीमा निर्धारित करने वाला प्रावधान हटाने के लिए लाया गया विधेयक प्रतिनिधि सभा में 65 के मुकाबले 365 वोटों से पास हुआ है। इसके बाद विधेयक को सीनेट से मंजूरी लेनी होगी। फिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद यह कानून का रूप लेगा। भारतीय पेशेवरों ने इस विधेयक का स्वागत किया है। अमेरिका की कई बड़ी आईटी कंपनियों ने भी विधेयक पास होने पर खुशी जताई है। उन्होंने सीनेट से अपील की है कि विधेयक को जल्द पारित किया जाए, जिससे इसे कानून के रूप में लागू किया जा सके।