मास्को। रूस का जिक्र हो और बर्फबारी की याद न आए। हर साल नए वर्ष के जश्न के लिए यहां सड़कों पर जमी बर्फ को हटवाने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लाखों डॉलर खर्च होते थे। मगर, इस बार मामला उल्टा है। पिछले 100 सालों में इस साल वहां सबसे ज्यादा गर्मी पड़ रही है। लिहाजा, अधिकारियों ने नए साल के जश्न से पहले शहर की सड़कों पर आर्टिफिशियल बर्फ डलवाई है, ताकि लोगों को हर साल के जैसा नजारा देखने को मिले। रूस में साल 1886 के बाद से यह अब तक का सबसे गर्म दिसंबर का महीना है।

रूस के हाइड्रोमेथेरोलॉजिकल रिसर्च सेंटर के अनुसार, 18 दिसंबर को तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था। इसकी वजह से सबसे गर्म सर्दियों का पिछला रिकॉर्ड टूट गया, जो 1886 में 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मॉस्को आमतौर पर दिसंबर में बर्फ से ढका रहता है और सरकार इसे हटाने के लिए लाखों डॉलर खर्च करती थी। मगर, इस बार कहीं भी बर्फ नजर नहीं आ रही है।

शहर के तेवरकाया स्ट्रीट को भी आर्टिफिशियल स्नो से ढंका गया है। नए साल के जश्न की पूर्व संध्या पर लोग स्नोबोर्डिंग करते हैं। शहर का प्रसिद्ध रेड स्क्वायर में भी इस बार कहीं बर्फ नहीं दिख रही थी, लिहाजा अधिकारियों ने वहां आर्टिफिशियल स्नो लगाई है।

मॉस्को के व्यापार और सेवा विभाग के प्रमुख अलेक्सी नेमरियुक ने रूसी समाचार एजेंसी इंटरफेक्स को बताया कि "स्नोबोर्ड स्लाइड" को विकसित करने के लिए पास के रिंक से बर्फ लाई गई थी। आर्टिफिशियल स्नो की तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स कई तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- मॉस्को के बजट के साथ आप सब कुछ खरीद सकते हैं, यहां तक ​​कि सर्दी भी।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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