Asteroid News: ब्रह्मांड में जल्द ही प्राकृतिक घटना होने वाली है। एक तेज रफ्तार एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास से गुजरने वाला है। जिसे वैज्ञानिकों ने खतरनाक आकाशीय घटना की कैटेगरी में रखा है। सूरज के चक्कर काट रहा 1.8 किलोमीटर चौड़ा क्षुद्रग्रह 27 मई, शुक्रवार को पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा। इसकी रफ्तार 47,196 किमी प्रति घंटे होगी। हालांकि यह धरती को बिना हानि पहुंचाए गुजर जाएगा। फिर भी नासा ने इस पर नजर बनाई हुई है। पालोमर ऑब्जर्वेटरी में 1989 में खोजे गए इस क्षुद्रग्रह को 1989 जेए नाम दिया गया है। जब यह धरती की कक्षा के पास होगा, तो इसे दूरबीन से देखा जा सकेगा।

1996 में पृथ्वी के पास से गुजरा था

पृथ्वी के पास से तेजी से गुजरते हुए यह क्षुद्रग्रह 40,24,182 किमी नजदीक तक आ जाएगा। जिसे वैज्ञानिकों की भाषा में खतरनाक तौर पर नजदीक माना जा रहा है। पिछली बार यह एस्टेरॉयड 1996 में पृथ्वी के पास से गुजरा था। तब उसकी दूरी पृथ्वी से 40 लाख किलोमीटर थी। अगली बार साल 2029, 2055 और 2062 में गुजरेगा।

चट्टानी टुकड़े हैं क्षुद्रग्रह

एस्टेरॉयड लगभग 4.6 अरब साल पहले सौर मंडल बनने के दौरान बचे हुए चट्टानी टुकड़े हैं। नासा के ज्वाइंट प्रपल्शन लैबोरेटरी के मुताबिक एक क्षुद्रग्रह को तब नजदीक वस्तु के तौर पर माना जाता है। जब इसकी दूरी पृथ्वी और सूर्य के बीच 1.3 गुना से कम है। जेपीएल एस्टेरॉयड की एक्टिविटी को ट्रैक करता है।

मार्च में हुई आकाशीय घटना

इससे पहले 4 मार्च को एक एस्टेरॉयड धरती से 49,11,298 किमी दूर से गुजरा था। सूरज की ओर बढ़ रहा क्षुद्रग्रह 400 दिनों से कम समय में अपनी कक्षा पूरी करने वाला है। पिछले महीने अमेरिका के मिसिसिपी में आकाश के ऊपर एक उल्टा फटा था। लोगों ने आग का गोला देखने का दावा किया था। वैज्ञानिकों ने उसे उल्का पिंड बताया है। जो 88,500 किमी प्रति घंटे की स्पीड से पृथ्वी के वायुमंडल के अंदर चला गया।

Posted By: Navodit Saktawat

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