ढाका। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने देश की एक हिंदू महिला के बचाव में आगे आई हैं। यहां बांग्लादेश हिंदू, बौद्ध, ईसाई एकता परिषद (HBCUC) की संगठन सचिव प्रिया साहा के खिलाफ देशद्रोह का केस चलाने की मांग उठी थी, लेकिन शेख हसीना ने इसकी इजाजत नहीं दी। जानिए क्या है पूरा मामला -

प्रिया ने 19 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक में भाग लिया था। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वीडियो में वह खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताती और ट्रंप से यह कहती दिख रही हैं कि बांग्लादेश से अल्पसंख्यक समुदाय के 3.7 करोड़ लोग लापता हो गए हैं। साहा के इस बयान पर बांग्लादेश में बवाल मच गया था।

साहा के बयान पर सड़क परिवहन मंत्री एवं सत्तारूढ़ अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादिर ने कहा था कि उन्होंने एक गलत और देशद्रोही टिप्पणी की है। उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाएगा। हालांकि, कादिर ने ही रविवार जानकारी दी कि पीएम शेख हसीना ने साहा के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने के कदम को इजाजत नहीं दी है।

कादिर के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने बीती रात मुझे एक संदेश भेजा (ब्रिटेन से, जहां वह आधिकारिक यात्रा पर हैं) और कहा कि जल्दबाजी में कोई कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।' हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि साहा को अवश्य ही सार्वजनिक रूप से एक बयान जारी कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह ट्रंप से असल में क्या कहना चाहती थीं।