ढाका। भारत सरकार द्वारा देश में नागरिकता संशोधन एक्ट लाए जाने के बाद जहां एक तरफ देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं वहीं पड़ोसी देश बांग्लादेश ने अपने नागरिकों की सूची मांगी हैं। पिछले दिनों इस बिल के कानून बनने के बाद बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने अपना भारत दौरा रद्द कर दिया था। इसके बाद अब खबर है कि बांग्लादेश ने भारत में अवैध तरीके से रह रहे अपने देश के लोगों की सूची मांगी है। साथ ही कहा है कि वह ऐसे लोगों को स्वदेश वापसी की अनुमति देगा।

भारत के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के बारे में पूछे गए एक सवाल पर विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने कहा, 'भारत-बांग्लादेश के संबंध बहुत मधुर हैं। इससे उस पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। भारत ने इसे आंतरिक मामला करार देते हुए बांग्लादेश को आश्वस्त किया है कि इससे उस पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।'

मोमेन ने अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए गुरुवार को अपने भारत दौरे के रद कर दिया था। इस संबंध में पूछे जाने पर फिर उन्हीं कारणों को दोहराया। भारत के विरोध की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ भारतीय आर्थिक कारणों से बिचौलियों के जरिये बांग्लादेश आ जाते हैं। हम उन्हें वापस भेज देते हैं।

बांग्लादेश सरकार ने रजाकारों की सूची जारी की

बांग्लादेश सरकार ने 1971 की आजादी की लड़ाई में दुश्मन सेना का साथ देने वाले 10,789 रजाकारों की सूची जारी कर दी है। रविवार को प्रेस वार्ता के दौरान मुक्ति आंदोलन विभाग के मंत्री एकेएम मुजम्मिल हक ने सूची को सार्वजनिक किया। रजाकारों ने बांग्लादेश की आजादी के समय पाकिस्तानी सेना का साथ देते हुए हिदुओं को निशाना बनाया था।

Posted By: Ajay Barve

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