लाहौर। पाकिस्‍तान से एक अहम खबर सामने आई है। पूर्व राष्‍ट्रपति परवेज मुशर्रफ को अदालत ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ मृत्‍युदंड को खारिज कर दिया है। साथ ही देशद्रोह के केस की सुनवाई के लिए गठित स्‍पेशल कोर्ट को भी असंवैधानिक करार दिया गया है।

इस्‍लामाबाद की एक विशेष अदालत ने गत 17 दिसंबर को मुशर्रफ के खिलाफ चल रहे देशद्रोह के केस में मौत की सजा सुनाई थी। यह केस पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग-नवाज़ सरकार ने वर्ष 2013 में दर्ज कराया था। इस मामले में पूरे 6 साल तक चली सुनवाई के बाद यह फैसला आया था।

सोमवार को इसमें अहम मोड़ आ गया। लाहौर हाई कोर्ट के जस्टिस सैयद मजहर अली अकबर नकवी, जस्टिस चौधरी मसूद जहांगी और जस्टिस मुहम्‍मद अमीर भट्टी की बेंच ने सहमतिपूर्वक मुशर्रफ के खिलाफ केस की सुनवाई के लिए गठित स्‍पेशल कोर्ट को असंवैधानिक करार दे दिया।

बेंच ने यह टिप्‍पणी दी कि मुर्शरफ के खिलाफ देशद्रोह का केस कानून की दृष्टि से ठीक ढंग से तैयार नहीं था। पाकिस्‍तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार सरकार और मुशर्रफ के वकीलों को क्‍वोट किया गया है। साथ ही कहा गया है कि लाहौर हाई कोर्ट के निर्णय के बाद स्‍पेशल कोर्ट का फैसला भी निष्‍प्रभावी हो गया है।

मुशर्रफ को 31 मार्च 2014 को दोषी ठहराया गया था और अभियोजन पक्ष ने उसी साल सितंबर में विशेष अदालत के समक्ष पूरे सबूत पेश किए थे। हालांकि, अपीलीय मंचों पर मुकदमेबाजी के कारण पूर्व सैन्य तानाशाह का मुकदमा लटक गया था।

वह मार्च 2016 में पाकिस्तान छोड़कर विदेश चले गए थे। दुबई में रह रहे मुशर्रफ दुर्लभ बीमारी अमिलॉइडोसिस से पीड़ित हैं। इस बामीरी में प्रोटीन शरीर के अंगों में जमा होने लगता है। वह दुबई एक अस्पताल में इसका इलाज करवा रहे हैं।

Posted By: Navodit Saktawat

fantasy cricket
fantasy cricket