बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर एक अध्ययन किया गया है। इसका दावा है कि पेड़-पौधों के समीप रहने से बच्चों का मस्तिष्क विकास बेहतर हो सकता है। इससे न सिर्फ उनका दिमाग तेज हो सकता है बल्कि भावनात्मक और व्यवहार संबंधी समस्याओं का खतरा भी कम हो सकता है। हरियाली के बीच रहने का सेहत पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। इससे तन और मन दोनों को लाभ होता है। नेचर सस्टेनबिलिटी पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में शहरों में प्राकृतिक माहौल का बच्चों के मस्तिष्क विकास, मानसिक सेहत व स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुल प्रभाव पर गौर किया गया। शोधकर्ताओं के मुताबिक, रोजाना हरियाली के बीच अधिक समय रहने वाले बच्चों में मस्तिष्क विकास ज्यादा बेहतर पाया गया। ऐसे बच्चों में भावनात्मक और व्यवहार संबंधी समस्याओं का खतरा भी 16 फीसद कम पाया गया। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी कालेज लंदन और इंपीरियल कालेज लंदन के शोधकर्ताओं ने कहा कि अध्ययन के इस नतीजे से शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने संबंधी निर्णय लेने में मदद मिल सकती है। यह निष्कर्ष लंदन के 31 स्कूलों में पढ़ने वाले नौ से 15 साल की उम्र के 3,568 बच्चों के डाटा के विश्लेषण के आधार पर निकाला गया है। बच्चों की उम्र का यह एक ऐसा दौर होता है, जब उनमें सोचने, समझने और विचार करने की क्षमताओं का विकास होता है।

Posted By: Navodit Saktawat

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