नई दिल्ली/बीजिंग। भारत के खिलाफ चीन की बड़ी हरकत का खुलासा हुआ है। खबर है कि साउथ चाइना सी में वियतनाम की समुद्री सीमा में स्थित ONGC के तेल ब्लॉक के पास चीन ने अपने तट रक्षक तैनात कर दिए हैं।

चीन वहां पहले भी कई बार समुद्री सीमा का उल्लंघन कर चुका है लेकिन इस बार का उल्लंघन ज्यादा बड़ा है। चीन की तरफ से यह सुनिश्चित किया गया है कि ONGC के तेल ब्लॉक के पास उसके तट रक्षकों का पोत तैनात हो।

भारत की सरकारी तेल कंपनी ONGC का जहां पर यह तेल ब्लॉक है उस इलाके पर चीन पहले भी कई बार दावा कर चुका है। वहां चीन व वियतनाम के बीच कई बार तनातनी हो चुकी है। चीन कई बार भारतीय कंपनी की तरफ से वहां तेल ब्लाक हासिल करने के फैसले पर भी सवाल उठाता रहा है। उस क्षेत्र में ONGC के दो तेल ब्लॉक हैं।

06.1 नाम से चिह्नित एक ब्लॉक में ONGC की हिस्सेदारी 45 फीसद है। इसमें रूस की पेट्रोलियम कंपनी रोसनेफ्ट बड़ी हिस्सेदार है। जबकि 128 नाम के दूसरे ब्लॉक में ONGC की 100 फीसद हिस्सेदारी है। दोनों ब्लॉक में ONGC की सहायक ONGC विदेश ने निवेश किया है। चीन की तरफ से लगातार खतरा बने रहने की वजह से ONGC ने हाल ही में इन दोनों ब्लॉक को दूसरे ब्लॉक से हस्तांतरित करने की संभावना पर विचार किया था।

वियतनाम की समुद्री सीमा के भीतर आने वाले इन सभी तेल ब्लॉक पर चीन अपना दावा करता रहा है। साउथ चाइना सी पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का स्पष्ट निर्देश आने के बावजूद चीन उसे स्वीकार नहीं करता है। साउथ चाइना सी में तेल व गैस के बहुत बड़े भंडार होने की सूचना है। यहां स्थित दूसरे देश जैसे फिलीपींस, ब्रूनेई भी अलग अलग क्षेत्रों पर दावा करते हैं।

इस बारे में वियतनाम की तरफ से भी भारत को लगातार सूचना दी जा रही है कि किस तरह से चीन की तरफ से ONGC समेत दूसरे तेल ब्लॉक को प्रभावित किया जा रहा है। भारत इस समूचे क्षेत्र में हर देश को निर्बाध तरीके से कारोबार करने की छूट देने की मांग करता है।