कोरोना वायरस (कोविड-19) से मुकाबले में वैक्सीन लगने से न सिर्फ गंभीर संक्रमण बल्कि मौत का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है। यह बात कई अध्ययनों में सामने आ चुकी है। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर्स फार डिजीज कंट्रोल एंडी प्रीवेंशन (सीडीसी) ने तीन अध्ययनों के नतीजों को जारी कर कोरोना के खिलाफ टीका लगवाने पर जोर दिया है। इन अध्ययनों के अनुसार, टीका नहीं लगवाने वालों के लिए कोरोना संक्रमण ज्यादा घातक हो सकता है। ऐसे लोगों में मौत का खतरा 11 गुना ज्यादा हो सकता है। वैक्सीन लगवाने वाले लोगों की तुलना में टीका नहीं लगवाने वालों में कोरोना संक्रमण का खतरा साढ़े चार गुना अधिक पाया गया। ऐसे कोरोना पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती करने का जोखिम दस गुना ज्यादा पाया गया। जबकि मौत का खतरा 11 गुना अधिक पाया गया। कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के कहर के बावजूद वैक्सीन काफी प्रभावी पाई गई हैं।

वैक्सीन लगने से 65 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले लोगों को अस्पताल में भर्ती करने का खतरा 80 फीसद तक कम पाया गया। जबकि 18 से 64 वर्ष के उम्र वालों में यह खतरा 95 फीसद तक कम मिला। ये तीनों अध्ययन अमेरिका में किए गए। इन अध्ययनों में गत अप्रैल से जुलाई के दौरान 13 अमेरिकी प्रांतों में कोरोना के 60 हजार से ज्यादा मामलों पर गौर किया गया। उन लोगों पर खासतौर पर ध्यान दिया गया, जिनका टीकाकरण पूरा नहीं हुआ था।

Posted By: Navodit Saktawat